मैया मुझे वो चाहिए इशारा चाँद की और था चाँद तो नहीं मिला पर मैया की लोरी से ल्ला को आ गई प्यारी सी नीद
एक दिन भगवान श्री कृष्ण आंगन में खेल रहे थे रात्रि का समय था भगवान श्री कृष्ण चंद्रमा। को मांगने लगे तब यशोदा मैया ने क्या किया
मां यशोदा और श्री कृष्ण में बात चित
मां यशोदा जी प्रेम से श्री कृष्ण भगवान् को गोद में लिया
एक दिन की बात है पूर्ण चंद्रमा था और उससे आंगन में
पूरी तरह से प्रकाश फैल गया था और यशोदा मैया के साथ गोपियां गोष्ठी जुड़ रही थी वहां खेलते समय प्रभु श्री कृष्ण भगवान की नजर चंद्रमा पर पड़ी ओर उन्होंने पीछे से आके यशोदा मैया का घुघट उतार लिया और अपने कोमल हाथों से उनकी चोटी खोलकर खींचने लगे और बार बार पीठ थपथपाने लगे कहने लगे मै "लूंगा मै लूंगा" तोतली बोली से इतना ही कहते थे मैया जी के बात समझ नहीं आई तब उन्होंने ने बगल में बैठी ग्वालबालिनो की ओर देखा और फिर मां यशोदा ने अपने पास ले आई ओर बोली लालन तुम क्या चाहते हो , दूध! श्री कृष्ण भगवान ने कहा " ना " ! क्या बढ़िया दही फिर श्री कृष्ण भगवान ने कहा "ना" फिर ग्वालिनों ने कहा बेटा रूठों मत। जो मांगोगे वो सब देंगी।
श्री कृष्ण भगवान ने कहा घर की वस्तु नहीं चाहिए अंगुली उठा कर ,"चंद्रमा" की ओर संकेत कर दिया।
फिर गोपियां बोली - ओ मेरे बाप! यह कोई माखन का लौंदा तोड़ी है हम कैसे दे दे यह तो प्यारा प्यारा हंस आकाश की सरोवर में तैर रहा है ।
श्री कृष्ण ने कहा - मै भी तो खेलने के लिए इस हंस को ही मांग रहा हु जल्दी जाओ उस पार मेरे लिए ला दो।
फिर *"श्री कृष्ण भगवान मचल गए ओर हाथ पैर धरती पर पीटने लगे"* ओर ग्वालिनों के अपने हाथ से गला पकड़ लिए
दो - दो कहने लगे पहले से भी अधिक रोने लगे इसमें से एक ग्वालिनी ने कहा बेटा ये तुम्हे बहला रहे है ओर यह चंद्रमा है इतने में प्रभु ने कहा मुझे दो दो ।
फिर मां यशोदा जी अपने गोद में लेती है अपने लालना को कहती है
मेरे प्राण! न तो यह चंद्रमा है न यह राज हंस है यह माखन ही है लेकिन इसमें जो काला काला लगा हुआ है वह "विष"* है यह देने योग्य नहीं है
मैया इस में विष कैसे लग गया " बात बदल गई "
मैया ने कहनी शुरू करी दी मधुर स्वर में
मां बेटे में प्रश्न उत्तर
यशोदा जी कहती है ! लाला! यह क्षीर सागर है
श्री कृष्ण भगवान ने कहा! मैया वह कैसा होता है
यशोदा ! बेटा जो यह तुम देख रहे हो इसी का एक समुद्र है
श्री कृष्ण! कहा मैया! कितने गायों ने दूध दिया होगा जब समुद्र बना होगा ।
यशोदा जी कहानी सुनानी लगी तभी श्री कृष्ण भगवान की आंख लग गई वो सो गए ।
🔱🙏🌹 जय श्री कृष्ण 🌺🌺🌺



