ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्
शरीर के रोगग्रस्त होने पर औषधी लेते समय भगवान विष्णु का ध्यान कीजिए, भोजन ग्रहण करते समय उनके जनार्धन रूप का ध्यान कीजिए, सोते समय उनके पद्मनाभ रूप का ध्यान कीजिए, विवाह के समय उनके प्रजापति रूप का ध्यान कीजिए, युद्ध में जाते समय उनके चक्रधारी रूप का ध्यान कीजिए तो वही प्रवास करते समय उनके त्रिविक्रम रूप का ध्यान कीजिए।
मृत्यु के समय उनके नारायण स्वरुप का ध्यान कीजिए, प्रेम के समय उनके श्रीधर रूप का ध्यान कीजिए, बुरे सपने आने पर उनके गोविंद रूप का ध्यान कीजिए संकट के समय उनके मधुसूधन रूप का ध्यान कीजिए।
जंगल में उनके नरसिंह रूप का ध्यान करे, अग्नि के समय उनके समुंद्र में सोते हुए रूप का ध्यान करे, जल में फंस जाने पर उनके वराह रूप का ध्यान करे तो पर्वतों जंगलों में होने पर उनके रघु नंदन रूप का ध्यान करे, विचरण करते समय उनके वामन रूप का ध्यान करे तो सभी कार्य करते समय उनके माधव रूप का ध्यान करे।
जो भी भक्तगण प्रातःकाल उठकर इन सोलह नामों को पढ़ता हैं तो उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती हैं और विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता हैं।
ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्


