Price Today : -Gold-1,30.860--22 -carat-10 gm/10g
Price Today : Silver1,90,000 per kg/1kg
धर्म-विशेष

पुराणों के अनुसार ये आठों चिरंजीवी वर्तमान में कहाँ निवास करते हैं

पुराणों और प्राचीन मान्यताओं के अनुसारये आठों चिरंजीवी आज भी पृथ्वी पर सूक्ष्म 

या भौतिक रूप में मौजूद हैं। उनके वर्तमान निवास स्थान कुछ इस प्रकार माने जाते हैं:

1. अश्वत्थामा (नर्मदा नदी के तट)

माना जाता है कि अश्वत्थामा मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी के किनारे और असीरगढ़ किले (बुरहानपुर) के शिव मंदिर में आज भी भटक रहे हैं। स्थानीय लोग दावा करते हैं कि वे आज भी वहां शिव पूजा करने आते हैं। दैनिक भास्कर की रिपोर्टों में भी इस रहस्य का जिक्र मिलता है।

2. राजा बलि (पाताल लोक)

भगवान वामन के वरदान के अनुसारराजा बलि वर्तमान में पाताल लोक (सुतल लोक) के राजा हैं। वे अगले 'मन्वंतरमें इंद्र बनने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार भगवान विष्णु स्वयं उनके द्वारपाल बनकर वहां पहरा देते हैं।

3. महर्षि वेद व्यास (बदरिकाश्रमहिमालय)

महाभारत के रचयिता व्यास जी हिमालय की गुफाओं (बदरीनाथ के पास 'व्यास गुफा') में निवास करते हैं। वे अदृश्य रूप में वेदों और धर्म का संरक्षण कर रहे हैं।

4. हनुमान जी (गंधमादन पर्वत)

हनुमान जी के बारे में माना जाता है कि वे गंधमादन पर्वत (रामेश्वरम के पास या हिमालय के एक भाग) पर निवास करते हैं। कलयुग में जहां भी रामकथा होती हैवे वहां गुप्त रूप से उपस्थित रहते हैं।

5. विभीषण (श्रीलंका)

विभीषण आज भी लंका में अदृश्य रूप में शासन कर रहे हैं। उन्हें भगवान राम ने धर्म की रक्षा के लिए अमरता का वरदान दिया था।

6. कृपाचार्य (अज्ञात/हिमालय)

कौरवों और पांडवों के गुरु कृपाचार्य अपनी योग शक्ति से हिमालय के किसी अज्ञात स्थान पर तपस्या में लीन हैं। वे आने वाले समय में सप्तर्षियों में शामिल होंगे।

7. परशुराम (महेंद्र पर्वत)

भगवान परशुराम ओडिशा के महेंद्र पर्वत पर निवास करते हैं। वे वहां तपस्या कर रहे हैं और कलियुग के अंत में कल्कि अवतार के गुरु बनकर उन्हें अस्त्र-शस्त्र की शिक्षा देंगे।

8. मार्कण्डेय ऋषि (अज्ञात)

मार्कण्डेय ऋषि अपनी योग साधना के बल पर ब्रह्मांड में कहीं भी विचरण कर सकते हैं। वे अक्सर पवित्र नदियों के संगम या एकांत हिमालयी गुफाओं में ध्यानमग्न रहते हैं।